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बिहार में UGC NET कोचिंग सेंटर में नए दाखिले पर रोक, हजारों छात्रों के भविष्य पर संकट

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बिहार में UGC NET की तैयारी कराने वाले सरकारी कोचिंग सेंटरों में नए दाखिले पर रोक लगने से छात्रों में चिंता बढ़ गई है। जानें पूरी वजह और असर।

पटना/आलम की खबर: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ा और चिंता बढ़ाने वाला फैसला सामने आया है। राज्य में संचालित UGC NET की निःशुल्क और सस्ती कोचिंग देने वाले सरकारी करियर गाइडेंस सेंटरों में नए नामांकन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस निर्णय के बाद उन छात्रों की चिंता बढ़ गई है, जो कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण तैयारी की उम्मीद लेकर इन केंद्रों पर निर्भर थे।यह सेंटर वर्ष 2022 में शुरू किया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को UGC NET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी का अवसर देना था। पटना विश्वविद्यालय परिसर में संचालित इस केंद्र में नियमित कक्षाएं, नोट्स, टेस्ट सीरीज और विशेषज्ञ शिक्षकों की सहायता से एक व्यवस्थित छह महीने का कोर्स चलाया जाता था। इसका सीधा फायदा उन छात्रों को मिलता था, जो महंगे कोचिंग संस्थानों का खर्च वहन नहीं कर सकते थे।

विभागीय निर्देश के बाद रुका नया नामांकन

हाल ही में बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को एक सख्त निर्देश जारी किया गया है। इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी प्रकार का नया नामांकन बिना विभागीय अनुमति के स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई विश्वविद्यालय इस निर्देश का उल्लंघन करता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद राज्य के कई विश्वविद्यालयों में चल रहे करियर गाइडेंस और UGC NET कोचिंग सेंटरों में नए दाखिले को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

कई विश्वविद्यालय प्रभावित

इस फैसले का असर केवल पटना विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के कई प्रमुख शिक्षण संस्थान इससे प्रभावित हुए हैं। इनमें पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, मधेपुरा विश्वविद्यालय और मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय शामिल हैं।

इन सभी संस्थानों में चल रहे कोचिंग सेंटरों में अब नए छात्रों का प्रवेश बंद कर दिया गया है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की तैयारी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

मौजूदा छात्रों की पढ़ाई जारी

हालांकि प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि पहले से नामांकित छात्रों की पढ़ाई पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। पटना विश्वविद्यालय में फिलहाल लगभग 240 छात्र इस कोचिंग कार्यक्रम में पंजीकृत हैं। इनमें से कई छात्रों का कोर्स जून तक पूरा होने वाला है, जबकि बाकी छात्र अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पढ़ाई जारी रखेंगे।

इस निर्णय से मौजूदा बैच को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन नए छात्रों के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं।

सफलता का अच्छा रिकॉर्ड

इस कोचिंग सेंटर की सफलता का अंदाजा इसके परिणामों से लगाया जा सकता है। अब तक इस कार्यक्रम से पढ़ाई कर चुके 42 छात्र UGC NET परीक्षा में सफल हो चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि यह पहल खासकर उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी रही है, जो संसाधनों की कमी के कारण पिछड़ जाते थे।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल ग्रामीण और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरा था।

छात्रों में चिंता और निराशा

नए नामांकन पर रोक लगने के बाद छात्रों में चिंता और असमंजस का माहौल है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि यह सेंटर उनके लिए एकमात्र सस्ता और भरोसेमंद विकल्प था। अब उन्हें निजी कोचिंग संस्थानों की ओर रुख करना पड़ेगा, जहां फीस काफी अधिक होती है।

छात्र संगठनों ने भी इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है और सरकार से आग्रह किया है कि गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।

विशेषज्ञों की राय

सेंटर के निदेशक प्रो. कामेश्वर पंडित का कहना है कि यह निर्णय सीधे तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रभावित करेगा। उनके अनुसार, इस कोचिंग मॉडल ने पिछले कुछ वर्षों में सकारात्मक परिणाम दिए हैं और कई छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता दिलाई है।

उनका मानना है कि यदि नामांकन पूरी तरह बंद कर दिया जाता है तो ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कठिन हो जाएगी।

आगे की स्थिति पर नजर

फिलहाल प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नए नामांकन कब शुरू होंगे। सभी की निगाहें विभागीय अनुमति और आगे आने वाले आदेशों पर टिकी हैं। छात्रों और शिक्षकों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर कोई सकारात्मक निर्णय लेगी।

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